Ayurvedic Knowledge Update


नए वेरिएंट B.1.1.1.529 को 
OMICRON नाम दिया गया है
वायरस वापस आ गया है, इस बार अधिक ऊर्जा, रणनीति और छलावरण के साथ।
इस बार हमें खांसी नहीं होगी, बुखार नहीं होगा, जोड़ों का दर्द नहीं होगा, बस कमजोरी होगी,
भूख न लगना और कोविड निमोनिया होगा!
बेशक, मृत्यु दर अधिक है, चरम पर पहुंचने में कम समय लगता है। कभी-कभी कोई लक्षण नहीं... आइए सावधान रहें...

यह सीधे फेफड़ों को प्रभावित करता है, जिसका अर्थ है कि अवधि कम हो जाती है।

मैंने बहुत से रोगियों को बिना बुखार के देखा है, लेकिन एक एक्स-रे रिपोर्ट में मध्यम छाती का निमोनिया दिखाई देता है!

COVID19 के लिए अक्सर नेज़ल स्वैब नकारात्मक होता है!

वायरस सीधे फेफड़ों में फैलता है जिससे वायरल निमोनिया के कारण तीव्र श्वसन संकट होता है! यह बताता है कि यह तीव्र और अधिक घातक क्यों हो गया है !!!

सावधान रहें, भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचें, फेस मास्क पहनें, बार-बार हाथ धोएं।

*लहरें* पहले से ज्यादा घातक। इसलिए हमें बहुत सावधान रहना होगा और *हर सावधानी बरतनी होगी।* 
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इस जानकारी को अपने पास न रखें, इसे अपने परिवार और दोस्तों के साथ साझा करें।
कृपया ध्यान रखें और सुरक्षित रहें!
🤔🤔🤔🤔🤔🤔
*हम गाडी की सर्विस तो करवाते है लेकीन क्यां हमने अपनी बोडी के अंगो की सर्विस करवाइ?*

 *1. लिवर की सफाई के लिए:-*  20 ग्राम काली किशमिस और 1 ग्लास पानी लेकर मिक्सर मे ज्युस बनाकर सुबह खाली पेट 15 दिनों तक सेवन करने से लिवर की सफाई होती है |

*2. किडनी की सफाई के लिए:-* हरा धनिया 40 ग्राम +1 ग्लास पानी मिक्स करके मिक्सर मे पिस करके सुबह खाली पेट लिजिए यह 10 दिनों तक करने से किडनी की सफ़ाई होती है। और हमारी किडनी स्वस्थ रहती है।

 *3. हार्ट की सफाई के लिए:-* 60 ग्राम अलसी को मिक्सर मे पीस लिजिए फिर सुबह शाम खालीपेट 10-10 ग्राम की मात्रा मे सेवन से हमारा हार्ट (हृदय) स्वस्थ रहता है यह उपाय 1 महिने तक करनां है।

 *4. दिमाग की सफाई के लिए* बादाम 8 और अखरोट 2 नग लेकर रात को 1 ग्लास पानी मे भिगोकर सुबह खाली पेट सेवन करें। यह पूरे 2 महिनों तक करने से दिमाग को पूरी तरह से जहरमुक्त किया जा सकता है।

 *5. फेंफडो की सफाई के लिए:-* 2 चम्मच शहद + 1 चम्मच नींबू का रस + 1 चम्मच अदरक का रस सभी चीजो को मिक्स करके सुबह खाली पेट सेवन करने से बिड़ी, सिगरेट, गुटखा या तंबाकु से जो नुकसान हमारे फेंफडो को हुआ है उन्हे सुधार होगा और हमारे फेंफडे पुरी तरह से स्वस्थ हो जाते है। यह प्रयोग करीब 20 दिनों तक करनां है।

प्राकृतिक उपचारओं के माध्यम से शरीर को निरोगी बना सकते हैं!

#डॉ0_विजय_शंकर_मिश्र:

*प्राकृतिक सात्विक स्वादिष्ट चटनियां खाएं--* भोजन में रुचि जगाने के लिए प्राकृतिक तरीके से चटनी बनाएं। । इनमें स्वाद तो होता ही है सभी पोषक तत्व भी न पकाने की वजह से सुरक्षित रहते हैं जो हमारी सेहत के लिए बेहद लाभदायक होता है। । सभी विटामिन्स एवं खनिज लवणों से युक्त चटनी अपने भोजन में सम्मिलित कर भोजन का स्वाद बढ़ाएं।।*

*🍃अमरूद की चटनी--* 100 ग्राम अमरूद,, 50 ग्राम अनारदाना तथा 1-2 हरी मिर्च,, काला नमक,, सफेद नमक स्वादानुसार मिलाकर पीस लें। । यह चटनी कब्ज निवारक होती है ।।

*🌿पुदीने की चटनी--* पुदीने की पत्तियां 100 ग्राम तथा 50 ग्राम धनिया पत्ती, 1-2 हरी मिर्च स्वादानुसार नमक मिलाकर पीस लें। । यह चटनी गैस अपच को दूर करती है। ।

*🌱टमाटर की चटनी--* 100 ग्राम टमाटर 50 ग्राम धनिया पत्ती,, 2 हरी मिर्च,, 20 ग्राम अदरक तथा स्वादानुसार नमक,, जीरा,, भुनी हुई हींग मिलाकर पीस लें। । यह चटपटी चटनी भूख बढ़ाती है। । इससे जठराग्नि तेज होती है। ।

*🍀नारियल की चटनी--* कच्चा नारियल 100 ग्राम धनिया पत्ती 50 ग्राम 2 हरी मिर्च नमक तथा भुना हुआ जीरा अजवायन स्वादानुसार मिलाकर थोड़ा पानी मिला लें जिससे पीसने में आसानी हो। । यह चटनी स्वाद बढ़ाने के लिए तथा संधिवात में लाभदायक है। ।

*मूंगफली की चटनी--* मूंगफली के दाने 50 ग्राम लेकर 200 ग्राम पानी में 8 घंटे भिगो कर रखें तत्पश्चात उसे 50 ग्राम धनिया पत्ती 2 हरी मिर्च तथा भुना हुआ जीरा अजवायन हींग के साथ पीस लें। । चटनी तैयार है। ।

*🌴आंवला की चटनी--* 100 ग्राम आंवला  बिना गुठ*प्राकृतिक सात्विक स्वादिष्ट चटनियां खाएं-- भोजन में रुचि जगाने के लिए प्राकृतिक तरीके से चटनी बनाएं। । इनमें स्वाद तो होता ही है सभी पोषक तत्व भी न पकाने की वजह से सुरक्षित रहते हैं जो हमारी सेहत के लिए बेहद लाभदायक होता है। । सभी विटामिन्स एवं खनिज लवणों से युक्त चटनी अपने भोजन में सम्मिलित कर भोजन का स्वाद बढ़ाएं।।*

*🍃अमरूद की चटनी--* 100 ग्राम अमरूद,, 50 ग्राम अनारदाना तथा 1-2 हरी मिर्च,, काला नमक,, सफेद नमक स्वादानुसार मिलाकर पीस लें। । यह चटनी कब्ज निवारक होती है ।।

*🌿पुदीने की चटनी--* पुदीने की पत्तियां 100 ग्राम तथा 50 ग्राम धनिया पत्ती, 1-2 हरी मिर्च स्वादानुसार नमक मिलाकर पीस लें। । यह चटनी गैस अपच को दूर करती है। ।

*🌱टमाटर की चटनी--* 100 ग्राम टमाटर 50 ग्राम धनिया पत्ती,, 2 हरी मिर्च,, 20 ग्राम अदरक तथा स्वादानुसार नमक,, जीरा,, भुनी हुई हींग मिलाकर पीस लें। । यह चटपटी चटनी भूख बढ़ाती है। । इससे जठराग्नि तेज होती है। ।

*🍀नारियल की चटनी--* कच्चा नारियल 100 ग्राम धनिया पत्ती 50 ग्राम 2 हरी मिर्च नमक तथा भुना हुआ जीरा अजवायन स्वादानुसार मिलाकर थोड़ा पानी मिला लें जिससे पीसने में आसानी हो। । यह चटनी स्वाद बढ़ाने के लिए तथा संधिवात में लाभदायक है। ।

*मूंगफली की चटनी--* मूंगफली के दाने 50 ग्राम लेकर 200 ग्राम पानी में 8 घंटे भिगो कर रखें तत्पश्चात उसे 50 ग्राम धनिया पत्ती 2 हरी मिर्च तथा भुना हुआ जीरा अजवायन हींग के साथ पीस लें। । चटनी तैयार है। ।

*🌴आंवला की चटनी--* 100 ग्राम आंवला  बिना गुठली के,, धनिया पत्ती 100 ग्राम,, अदरक,, हरी मिर्च,, नमक,, जीरा,, अजवायन मिलाकर पीस लें। । यह चटनी विटामिन सी से भरपूर है।। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है। ।

*धनिया की चटनी--* धनिया पत्ती 100 ग्राम मुनक्का 20 ग्राम खजूर 20 ग्राम अदरक 10 ग्राम हरी मिर्च काला नमक दही जीरा काली मिर्च अजवायन को स्वादानुसार मिलाकर पीसकर नीबू का रस मिलाकर आंवला उपलब्ध है तो पीसकर मिला दें। । यह चटनी पाचक स्वादिष्ट एवं पित्त नाशक होता है। ।

*🍃पालक की चटनी--* पालक 100 ग्राम, मूली धनिया 50-50 ग्राम,, हरी मिर्च,, अदरक,, गुड़,, काला नमक,, सेंधा नमक तथा आंवला,, अजवायन स्वादानुसार मिलाएं। । चटनी तैयार है। । यह चटनी बहुमूत्र विकार दूर करती है। ।

*☂इमली की चटनी--* 50 ग्राम पकी इमली को गरम पानी में आधा घंटा भिगो कर रखें तत्पश्चात मसलकर छान लें। । इसमें हरी मिर्च,, हींग,, जीरा,, अजवायन, पुदीना,, अदरक एवं गुड़ मिलाकर पीस लें। । यह चटनी पेचिस के रोगियों के लिए लाभप्रद होती है ।।

*किसमिश की चटनी--* 50 ग्राम किसमिस 50 ग्राम अनारदाना छुहारा 50 ग्राम 8 घंटे पानी में भिगो कर रखें।। छुहारे की गुठली निकाल दें। । नारियल 50 ग्राम तथा पुदीना,, धनिया,, काली मिर्च,, हरी मिर्च तथा नमक स्वादानुसार मिलाकर पीस लें थोड़ा सा नीबू का रस मिला दें। । यह चटनी एनीमिया दूर करती है ,, खून बढ़ाती हैं। ।

*🍀तिल की चटनी--* 100 ग्राम तिल 10 ग्राम सौंफ 10 ग्राम मुनक्का 2 अंजीर को 8-10 घंटे पानी में भिगो कर रखें तत्पश्चात नमक हरी मिर्च जीरा अजवायन भुने हुए आदि स्वादानुसार मिलाकर चटनी बनाएं।  यह चटनी लीवर के रोगों में लाभदायक और पौष्टिक है। । हड्डी मजबूत करती है। कैल्सियम की कमी दूर करती है ।।

*🌴खजूर की चटनी--* खजूर 100 ग्राम लौकी 50 ग्राम बंदगोभी 50 ग्राम अमरूद 50 ग्राम (बिना बीज,, गुठली के) अजवायन हरी मिर्च धनिया अदरक नीबू का रस सेंधा नमक स्वादानुसार मिलाकर पीस लें। । यह चटनी कब्ज दूर करती है ,, रक्तचाप संतुलित करती है तथा हीमोग्लोबिन बढ़ाती है। ।

*☘सेब की चटनी--* 100 ग्राम सेब 50 ग्राम पत्ता गोभी 50 ग्राम गाजर 50 ग्राम टमाटर 50 ग्राम खजूर तथा अदरक सेंधा नमक हरी मिर्च तथा जीरा अजवायन भुने हुए आदि स्वादानुसार मिलाकर पीस लें। । यह चटनी हृदय रोग उच्च रक्तचाप के रोगियों के लिए फायदेमंद है। ।
*कच्चे आम की चटनी*-- आम 100 ग्राम धनिया पत्ती 100 ग्राम पुदीना 100 ग्राम अदरक 5 ग्राम हरी मिर्च नमक जीरा अजवायन हींग आदि स्वादानुसार मिलाकर चटनी बनाएं। । गरमी के दिनों में यह लाभप्रद है।।

*🌱कब्ज दूर करने के लिए क्या करें--*  । इसका सरल उपाय है कि हम भोजन में छिलका युक्त हरी सब्जियों का प्रयोग अवश्य करें। । मैदा चीनी बेसन के व्यंजन तथा फास्ट फूड कब्ज पैदा करते हैं।। सलाद अर्थात जिन सब्जियों को कच्चा खाया जाता है जैसे-- मूली गाजर टमाटर पत्ता गोभी खीरा ककड़ी आदि इन्हें प्राकृतिक रूप से अवश्य खाएं। । इनसे रेशे की पूर्ति होती है। । अनावश्यक गरमी भी बाहर निकलती है।ली के,, धनिया पत्ती 100 ग्राम,, अदरक,, हरी मिर्च,, नमक,, जीरा,, अजवायन मिलाकर पीस लें। । यह चटनी विटामिन सी से भरपूर है।। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है। ।

*धनिया की चटनी--* धनिया पत्ती 100 ग्राम मुनक्का 20 ग्राम खजूर 20 ग्राम अदरक 10 ग्राम हरी मिर्च काला नमक दही जीरा काली मिर्च अजवायन को स्वादानुसार मिलाकर पीसकर नीबू का रस मिलाकर आंवला उपलब्ध है तो पीसकर मिला दें। । यह चटनी पाचक स्वादिष्ट एवं पित्त नाशक होता है। ।

*🍃पालक की चटनी--* पालक 100 ग्राम, मूली धनिया 50-50 ग्राम,, हरी मिर्च,, अदरक,, गुड़,, काला नमक,, सेंधा नमक तथा आंवला,, अजवायन स्वादानुसार मिलाएं। । चटनी तैयार है। । यह चटनी बहुमूत्र विकार दूर करती है। ।

*☂इमली की चटनी--* 50 ग्राम पकी इमली को गरम पानी में आधा घंटा भिगो कर रखें तत्पश्चात मसलकर छान लें। । इसमें हरी मिर्च,, हींग,, जीरा,, अजवायन, पुदीना,, अदरक एवं गुड़ मिलाकर पीस लें। । यह चटनी पेचिस के रोगियों के लिए लाभप्रद होती है ।।

*किसमिश की चटनी--* 50 ग्राम किसमिस 50 ग्राम अनारदाना छुहारा 50 ग्राम 8 घंटे पानी में भिगो कर रखें।। छुहारे की गुठली निकाल दें। । नारियल 50 ग्राम तथा पुदीना,, धनिया,, काली मिर्च,, हरी मिर्च तथा नमक स्वादानुसार मिलाकर पीस लें थोड़ा सा नीबू का रस मिला दें। । यह चटनी एनीमिया दूर करती है ,, खून बढ़ाती हैं। ।

*🍀तिल की चटनी--* 100 ग्राम तिल 10 ग्राम सौंफ 10 ग्राम मुनक्का 2 अंजीर को 8-10 घंटे पानी में भिगो कर रखें तत्पश्चात नमक हरी मिर्च जीरा अजवायन भुने हुए आदि स्वादानुसार मिलाकर चटनी बनाएं।  यह चटनी लीवर के रोगों में लाभदायक और पौष्टिक है। । हड्डी मजबूत करती है। कैल्सियम की कमी दूर करती है ।।

*🌴खजूर की चटनी--* खजूर 100 ग्राम लौकी 50 ग्राम बंदगोभी 50 ग्राम अमरूद 50 ग्राम (बिना बीज,, गुठली के) अजवायन हरी मिर्च धनिया अदरक नीबू का रस सेंधा नमक स्वादानुसार मिलाकर पीस लें। । यह चटनी कब्ज दूर करती है ,, रक्तचाप संतुलित करती है तथा हीमोग्लोबिन बढ़ाती है। ।

*☘सेब की चटनी--* 100 ग्राम सेब 50 ग्राम पत्ता गोभी 50 ग्राम गाजर 50 ग्राम टमाटर 50 ग्राम खजूर तथा अदरक सेंधा नमक हरी मिर्च तथा जीरा अजवायन भुने हुए आदि स्वादानुसार मिलाकर पीस लें। । यह चटनी हृदय रोग उच्च रक्तचाप के रोगियों के लिए फायदेमंद है। ।
*कच्चे आम की चटनी*-- आम 100 ग्राम धनिया पत्ती 100 ग्राम पुदीना 100 ग्राम अदरक 5 ग्राम हरी मिर्च नमक जीरा अजवायन हींग आदि स्वादानुसार मिलाकर चटनी बनाएं। । गरमी के दिनों में यह लाभप्रद है।।

*🌱कब्ज दूर करने के लिए क्या करें--*  । इसका सरल उपाय है कि हम भोजन में छिलका युक्त हरी सब्जियों का प्रयोग अवश्य करें। । मैदा चीनी बेसन के व्यंजन तथा फास्ट फूड कब्ज पैदा करते हैं।। सलाद अर्थात जिन सब्जियों को कच्चा खाया जाता है जैसे-- मूली गाजर टमाटर पत्ता गोभी खीरा ककड़ी आदि इन्हें प्राकृतिक रूप से अवश्य खाएं। । इनसे रेशे की पूर्ति होती है। । अनावश्यक गरमी भी बाहर निकलती है।

*#डॉ0_विजय_शंकर_मिश्र:*


रोगानुसार गाय के घी के उपयोग

१. गाय का घी नाक में डालने से पागलपन दूर होता है।

२. गाय का घी नाक में डालने से एलर्जी खत्म हो जाती है

३. गाय का घी नाक में डालने से लकवा का रोग में भी उपचार होता है।

४. 20-25 ग्राम गाय का घी व मिश्री खिलाने से शराब, भांग व गांजे का नशा कम हो जाता है।

५. गाय का घी नाक में डालने से कान का पर्दा बिना ओपरेशन के ही ठीक हो जाता है।

६. नाक में घी डालने से नाक की खुश्की दूर होती है और दिमाग तरोताजा हो जाता है।

७. गाय का घी नाक में डालने से कोमा से बाहर निकल कर चेतना वापस लोट आती है।

८. गाय का घी नाक में डालने से बाल झडना समाप्त होकर नए बाल भी आने लगते है।

९. गाय के घी को नाक में डालने से मानसिक शांति मिलती है, याददाश्त तेज होती है।

१०. हाथ-पॉँव मे जलन होने पर गाय के घी को तलवो में मालिश करें जलन ठीक होता है।

११. हिचकी के न रुकने पर खाली गाय का आधा चम्मच घी खाए, हिचकी स्वयं रुक जाएगी।

१२. गाय के घी का नियमित सेवन करने से एसिडिटी व कब्ज की शिकायत कम हो जाती है।

१३. गाय के घी से बल और वीर्य बढ़ता है और शारीरिक व मानसिक ताकत में भी इजाफा होता है।

१४. गाय के पुराने घी से बच्चों को छाती और पीठ पर मालिश करने से कफ की शिकायत दूर हो जाती है।

१५. अगर अधिक कमजोरी लगे, तो एक गिलास दूध में एक चम्मच गाय का घी और मिश्री डालकर पी लें ।
१६. हथेली और पांव के तलवो में जलन होने पर गाय के घी की मालिश करने से जलन में आराम आयेगा । 
१७. गाय का घी न सिर्फ कैंसर को पैदा होने से रोकता है और इस बीमारी के फैलने को भी आश्चर्यजनक ढंग से रोकता है ।
१८. जिस व्यक्ति को हार्ट अटैक की तकलीफ है और चिकनाई खाने की मनाही है तो गाय का घी खाएं, इससे ह्रदय मज़बूत होता है ।
१९. देसी गाय के घी में कैंसर से लड़ने की अचूक क्षमता होती है। इसके सेवन से स्तन तथा आंत के खतरनाक कैंसर से बचा जा सकता है ।
२०. गाय का घी, छिलका सहित पिसा हुआ काला चना और पिसी शक्कर या बूरा या देसी खाण्ड, तीनों को समान मात्रा में मिलाकर लड्डू बाँध लें । प्रतिदिन प्रातः खाली पेट एक लड्डू खूब चबा-चबाकर खाते हुए एक गिलास मीठा गुनगुना दूध घूँट-घूँट करके पीने से स्त्रियों के प्रदर रोग में आराम होता है, पुरुषों का शरीर मोटा ताजा यानी सुडौल और बलवान बनता है ।
२१. फफोलों पर गाय का देसी घी लगाने से आराम मिलता है ।
२२. गाय के घी की छाती पर मालिश करने से बच्चो के बलगम को बहार निकालने मे सहायता मिलती है ।
२३. सांप के काटने पर 100 -150 ग्राम गाय का घी पिलायें, उपर से जितना गुनगुना पानी पिला सके पिलायें, जिससे उलटी और दस्त तो लगेंगे ही लेकिन सांप का विष भी कम हो जायेगा ।
२४. दो बूंद देसी गाय का घी नाक में सुबह शाम डालने से माइग्रेन दर्द ठीक होता है ।
२५. सिर दर्द होने पर शरीर में गर्मी लगती हो, तो गाय के घी की पैरों के तलवे पर मालिश करे, इससे सिरदर्द दर्द ठीक हो जायेगा ।
२६. यह स्मरण रहे कि गाय के घी के सेवन से कॉलेस्ट्रॉल नहीं बढ़ता है । वजन भी नही बढ़ता, बल्कि यह वजन को संतुलित करता है । यानी के कमजोर व्यक्ति का वजन बढ़ता है तथा मोटे व्यक्ति का मोटापा (वजन) कम होता है ।
२७. एक चम्मच गाय के शुद्ध घी में एक चम्मच बूरा और 1/4 चम्मच पिसी काली मिर्च इन तीनों को मिलाकर सुबह खाली पेट और रात को सोते समय चाट कर ऊपर से गर्म मीठा दूध पीने से आँखों की ज्योति बढ़ती है ।
२८. गाय के घी को ठन्डे जल में फेंट ले और फिर घी को पानी से अलग कर ले यह प्रक्रिया लगभग सौ बार करे और इसमें थोड़ा सा कपूर डालकर मिला दें । इस विधि द्वारा प्राप्त घी एक असर कारक औषधि में परिवर्तित हो जाता है जिसे जिसे त्वचा सम्बन्धी हर चर्म रोगों में चमत्कारिक कि तरह से इस्तेमाल कर सकते हैं । यह सौराइशिस के लिए भी कारगर है ।
२९. गाय का घी एक अच्छा (LDL) कोलेस्ट्रॉल है। उच्च कोलेस्ट्रॉल के रोगियों को गाय का घी ही खाना चाहिए । यह एक बहुत अच्छा टॉनिक भी है । 
३०. अगर आप गाय के घी की कुछ बूँदें दिन में तीन बार, नाक में प्रयोग करेंगे तो यह त्रिदोष (वात पित्त और कफ) को सन्तुलित करता है। 

- डॉ0 विजय शंकर मिश्र

उल्टी का आयुर्वेदिक उपचार

1. नींबू का रस -
नींबू पानी पीना आपके पाचन तंत्र को आगे बढ़ने में मदद कर सकता है। नींबू का रस और शहद को बराबर हिस्सों में लीजिए। मतली और उलटी में आपको राहत प्रदान कर सकता है। इसके लिए आप इंडेक्स उंगली से इस मिश्रण को चाटिए। इसके अलावा एक चम्मच नींबू का रस और मिंट का रस को मिलाकर मिश्रण तैयार करें और उसमें अदरक और शहद की कुछ बूंदें डालें। मतली और उल्टी से राहत प्राप्त करने के लिए इसे दिन में दो बार या तीन बार लें।                                                    
 उल्टी रोकने के घरेलू उपाय
*🌻1.* हरी धनिया का रस निकालकर उसमें थोड़ा सा सेंधा नमक और एक नींबू डालकर पीने से उल्टी में तुरंत लाभ होता है। 
*🌹2.* आधा चम्मच धनिया का पाउडर आधा चम्मच सौंफ का पाउडर एक गिलास पानी में डालें और उसमें थोड़ी सी मिश्री घोल कर पीने से उल्टी आनी बंद हो जाती है।
*🌻3.* अदरक के रस और नींबू के रस की मात्रा बराबर मात्रा में डालकर एक रस तैयार कर लें। इसे पीने से उल्टी में लाभ होता है। 
*🌹4.* अदरक और प्याज का रस एक चम्मच लेकर मिलाकर पीएं। इससे उल्टी में लाभ होता है।
*🌻5.* एक चम्मच अदरक के रस में थोड़ा सा सेंधा नमक और काली मिर्च का पाउडर मिलाकर पीने से भी उल्टी आनी बंद हो जाती है।
*🌹6.* पुदीने का रस निकालकर उसमें नींबू का रस और शहद बराबर मात्रा में लेकर मिला लें। इसका दिन में दो-तीन बार प्रयोग करें। पुदीने की पत्तियां भी चबा कर खाने से उल्टी में तुरंत लाभ होता है।

उल्टी का आयुर्वेदिक उपचार 
२.लौंग -
एंटीमाइक्रोबायल गुणों में समृद्ध लौंग कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करते हैं, जैसे मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली या इम्यून सिस्टम और पाचन शक्ति ठीक करे। इसके लिए आप लौंग को भूनकर इसे पीस लें और किसी डिब्बी में भरकर रख लें। जब भी सफर में जाएं या उल्टी जैसा मन हो तो इसे सिर्फ एक चुटकी मात्रा में चीनी या काले नमक के साथ लें और चूसें।

उल्टी का आयुर्वेदिक उपचार -
३.इलायची -
इलायची का आयुर्वेद में बहुत ही महत्व है। इलायची के कई औषधीय फायदे हैं जो आयुर्वेद में उल्लेख किया गया हैं। इलायची एक ऐसी चीज है जो अम्ल जैसे जहरीले तत्वों को बाहर निकालने सहायता करता है। यदि आप 1 या दो इलायची के बीज चबाते हैं, तो आपके स्वाद में परिवर्तन आएगा और आपको उल्टी की उत्तेजना को शांत करने में मदद मिल सकती है। इलायची का उपयोग पाचन समस्याओं के लिए किया जाता है जिसमें हार्टबर्न, इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम (आईबीएस), दस्त, कब्ज, लीवर और पित्ताशय की थैली की दिक्कते, और भूख की कमी शामिल है।

#डॉ0_विजय_शंकर_मिश्र:

तुलसी से उपचार

* लिवर (यकृत) संबंधी समस्या: तुलसी की 10-12 पत्तियों को गर्म पानी से धोकर रोज सुबह खाएं। लिवर की समस्याओं में यह बहुत फायदेमंद है।
* पेटदर्द होना: एक चम्मच तुलसी की पिसी हुई पत्तियों को पानी के साथ मिलाकर गाढा पेस्ट बना लें। पेटदर्द होने पर इस लेप को नाभि और पेट के आस-पास लगाने से आराम मिलता है।
* पाचन संबंधी समस्या : पाचन संबंधी समस्याओं जैसे दस्त लगना, पेट में गैस बनना आदि होने पर एक ग्लास पानी में 10-15 तुलसी की पत्तियां डालकर उबालें और काढा बना लें। इसमें चुटकी भर सेंधा नमक डालकर पीएं।
* बुखार आने पर : दो कप पानी में एक चम्मच तुलसी की पत्तियों का पाउडर और एक चम्मच इलायची पाउडर मिलाकर उबालें और काढा बना लें। दिन में दो से तीन बार यह काढा पीएं। स्वाद के लिए चाहें तो इसमें दूध और चीनी भी मिला सकते हैं।
* खांसी-जुकाम : करीब सभी कफ सीरप को बनाने में तुलसी का इस्तेमाल किया जाता है। तुलसी की पत्तियां कफ साफ करने में मदद करती हैं। तुलसी की कोमल पत्तियों को थोडी- थोडी देर पर अदरक के साथ चबाने से खांसी-जुकाम से राहत मिलती है। चाय की पत्तियों को उबालकर पीने से गले की खराश दूर हो जाती है। इस पानी को आप गरारा करने के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

#डॉ0_विजय_शंकर_मिश्र:

नींबू के 30 घरेलू नुस्खे

नींबू का रस आपको ताज़गी का एहसास तो दिलाता ही है, साथ ही कई प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से मुक्ति भी दिलाने का काम करता है।

1💐शुद्ध शहद में नींबू की शिकंजी पीने से मोटापा दूर होता है।

2💐नींबू के सेवन से सूखा रोग दूर होता है।

3💐नींबू का रस एवं शहद एक-एक तोला लेने से दमा में आराम मिलता है।

4💐नींबू का छिलका पीसकर उसका लेप माथे पर लगाने से माइग्रेन ठीक होता है।

5💐नींबू में पिसी काली मिर्च छिड़क कर जरा सा गर्म करके चूसने से मलेरिया ज्वर में आराम मिलता है।

6💐नींबू के रस में नमक मिलाकर नहाने से त्वचा का रंग निखरता है और सौंदर्य बढ़ता है।
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7💐नौसादर को नींबू के रस में पीसकर लगाने से दाद ठीक होता है।

8💐 नींबू के बीज को पीसकर लगाने से गंजापन दूर होता है।

9💐बहरापन हो तो नींबू के रस में दालचीनी का तेल मिलाकर डालें।

10💐आधा कप गाजर के रस में नींबू निचोड़कर पिएं, रक्त की कमी दूर होगी।

11💐 दो चम्मच बादाम के तेल में नींबू की दो बूंद मिलाएं और रूई की सहायता से दिन में कई बार घाव पर लगाएं, घाव बहुत जल्द ठीक हो जाएगा।

12💐 प्रतिदिन नाश्ते से पहले एक चम्मच नींबू का रस और एक चम्मच ज़ैतून का तेल पीने से पत्थरी से छुटकारा मिलता है।

13💐 किसी जानवर के काटे या डसे हुए भाग पर रूई से नींबू का रस लगांए, लाभ होगा।

14💐एक गिलास गर्म पानी में नींबू डाल कर पीने से पांचन क्रिया ठीक रहती है।

15💐चक्तचाप, खांसी, क़ब्ज़ और पीड़ा में भी नींबू चमत्कारिक प्रभाव दिखाता है।

16💐 विशेषज्ञों का कहना है कि नींबू का रस विटामिन सी, विटामिन, बी, कैल्शियम, फ़ास्फ़ोरस, मैग्नीशियम, प्रोटीन और कार्बोहाईड्रेट से समृद्ध होता है।

17💐 विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मसूढ़ों से ख़ून रिसता हो तो प्रभावित जगह पर नींबू का रस लगाने से मसूढ़े स्वस्थ हो जाते हैं।

18💐 नींबू का रस पानी में मिलाकर ग़रारा करने से गला खुल जाता है।

19💐 नींबू के रस को पानी में मिलाकर पीने से त्वचा रोगों से भी बचाव होता है अतः त्वचा चमकती रहती है, कील मुंहासे भी इससे दूर होते हैं और झुर्रियों की भी रोकथाम करता है।

20💐 नींबू का रस रक्तचाप को संतुलित रखता है।

21💐अगर बॉडी में विटामिन सी की मात्रा कम हो जाए, तो एनिमिया, जोड़ों का दर्द, दांतों की बीमारी, पायरिया, खांसी और दमा जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। नीबू में विटामिन सी की क्वॉन्टिटी बहुत ज्यादा होती है। इसलिए इन बीमारियों से दूरी बनाने में यह आपकी मदद करता है।

22💐पेट खराब, पेट फूलना, कब्ज, दस्त होने पर नीबू के रस में थोड़ी सी अजवायन, जीरा, हींग, काली मिर्च और नमक मिलाकर पीने से आपको काफी राहत मिलेगी।

23💐 गर्मी में बुखार होने पर अगर थकान महसूस हो रही हो या पीठ और बांहों में दर्द हो, तो भी आपके पास नींबू का उपाय है। आप एक चम्मच नींबू के रस में दस बूंद तुलसी की पत्तियों का रस, चार काली मिर्च और दो पीपली का चूर्ण मिलाकर लें। इसे दो खुराक के तौर सुबह-शाम लें।

24💐चेहरे पर मुंहासे होना एक आम समस्या है। इसे दूर करने के लिए नींबू रस में चंदन घिसकर लेप लगाएं। अगर दाद हो गया है, तो इसी लेप में सुहागा घिसकर लगाएं, आपको आराम मिलेगा।

25💐 कई बार लंबी दूरी की यात्रा करने पर शरीर में बहुत थकान महसूस होती है। ऐसे में एक गिलास पानी में दो नींबू निचोड़कर उसमें 50 ग्राम किशमिश भिगो दें। रातभर भीगने के बाद सुबह किशमिश पानी में मथ लें। यह पानी दिनभर में चार बार पिएं। इससे एनर्जी मिलेगी और बॉडी की फिटनेस भी बनी रहेगी।

26💐अधिक थकान और अशांति के कारण कई बार नींद नहीं आती। अगर आप भी इस प्रॉब्लम से जूझ रहे हैं, तो लेमन रेमेडी अपनाएं। रात को सोने से पहले हाथ-पांव, माथे, कनपटी व कान के पीछे सरसों के तेल की मालिश करें। इसके बाद थोड़े से नीबू के रस में लौंग घिसकर चाट लें। ऐसा करने से आपको नींद बहुत जल्दी आएगी।

27💐मोटापे से आजकल हर दूसरा शख्स परेशान होता है। इससे छुटकारा पाने के लिए आप मूली के रस में नीबू का रस व थोड़ा नमक मिलाकर नियमित रूप से लें। मोटापा दूर होगा।

28💐अगर याददाश्त कमजोर हो गई है, तो गिरी, सोंठ का चूर्ण और मिश्री को पीसकर नींबू के रस में मिलाएं। फिर इसे धीरे-धीरे उंगली से चाटें।

29💐सुंदर दिखना तो सभी चाहते हैं। अगर आपकी भी यही चाहत है, तो एक चम्मच बेसन, आधा चम्मच गेहूं का आटा, आधा चम्मच गुलाब जल और आधा चम्मच नींबू का रस मिलाकर लोशन तैयार करें। इसे धीरे-धीरे चेहरे पर मलें। कुछ ही दिनों में आपका चेहरा निखर जाएगा।

30💐जहां तक हो सके, कागजी पीले रंग के नीबू का यूज करें। इसमें दो चुटकी सेंधा नमक या काला नमक मिला सकते हैं। 

#डॉ0_विजय_शंकर_मिश्र:

जीरे के पानी के है अदभुद फ़ायदे
 
यह नुस्‍खा है जीरे का पानी और शहद, जो आपके शरीर के इम्‍यून सिस्‍टम को मजबूत बनाएगा। जीरे का पानी और शहद के मिला कर पीने से आपको 6 तरीके से लाभ होगा। 
- एक कप पानी पैन में उबालें। फिर उसमें 2 चम्‍मच जीरा डाल कर 5 मिनट खौलाएं। फिर उसे एक कप में छान लें और उसमें 2 चम्‍मच शहद मिलाएं। आपका पेय तैयार है। 
- इस पेय को पीने से आपके शरीर से दूषित पदार्थ, आपके रक्‍त, मल और पेशाब के जरिये बाहर निकल जाएगा। इससे आपके शरीर को जल्‍दी कोई बीमारी नहीं होगी।
- इसे पीने से पेट में खाना पचाने वाले जूस बनते हैं, जो पेट हमेशा दुरुस्‍त रखते हैं।अगर आपको कब्‍ज है तो इसे रोज पियें क्‍योंकि इससे आपका पेट अच्‍छी तरह से साफ हो जाएगा।
- जीरे में एक कम्‍पाउंड पाया जाता है जिसका नाम cuminaldehyde है और यह शरीर में कैंसर वाली सेल्‍स को बनने से रोकता है।
- जीरे के पानी में काफी पोटैशियम होता है जो शरीर में इलेक्‍ट्रोलाइट्स को बैलेंस करता है। इस वजह से ब्‍लड प्रेशर हमेशा नियंत्रित रहता है।
- यह ड्रिंक म्‍यूकस मेंबरेन में सूजन आने से रोकता है, इसी वजह से अस्‍थमा का अटैक कंट्रोल में रहता है।
- जीरे के पानी और शहद, दोंनो ही चीजों में आयरन की मात्रा अधिक होती है। इसलिये यह मिश्रण खून में आयरन की कमी को पूरा करता है और एनीमिया से बचाता है।

#डॉ0_विजय_शंकर_मिश्र:
नाज़ुक अंगो को घायल कर रहा आपका कठोर व्यवहार

1- आमाशय घायल होता है जब आप प्रातः काल अल्पाहार नही करते हैं।
2- किडनी घायल होती है जब आप 24 घण्टे में 10 गिलास पानी नही पीते 
3- पित्ताशय घायल होता है जब आप रात्रि 11 बजे तक सोते नही है और सूर्योदय से पूर्व जागते नही हैं।
4- छोटी आंत घायल होती है जब आप ठंडा और बासी भोजन करते हैं।
5- बड़ी आंत घायल होती है जब आप बहुत तला भुना और मसालेदार भोजन करते हैं।
6- फेफड़े घायल होते हैं जब आप सिगरेट,और धुयें  आदि से प्रदूषित वातावरण में सांस लेते हैं।
7- लिवर घायल होता है जब आप बहुत भारी जंक, फ़ास्ट फ़ूड खाते हैं।
8- हृदय घायल होता है जब आप अपने भोजन में अधिक नमक और केमिकल रिफाइंड तेल खाते हैं।
9- अग्न्याशय घायल होता है जब आप मीठी चीजे ज्यादा मात्रा में खाते हैं क्योंकि वो स्वादिष्ट और सहज उपलब्ध हैं।
10- आँखें घायल होती हैं जब आप कम प्रकाश में मोबाईल और कम्प्यूटर स्क्रीन पर काम करते हैं।
11- मस्तिष्क घायल होता है जब आप नकारात्मक सोचने लगते हैं।
12- आत्मा घायल होती है जब आप नैतिकता के विरुद्ध कार्य करते हैं।
आप सभी अंगो को अच्छी तरह से देखभाल कर अपने को स्वस्थ रखिये।

#डॉ0_विजय_शंकर_मिश्र:

लहसुन और शहद...
साथ खाने से ये होते है फायदे..!

लहसुन और शहद एक बहुत ही *पुरानी दवा है* जिसे बडे़ बडे़ रोगों को दूर करने के लिये खाया जाता था। अगर आप हर वक्‍त बीमार रहते हैं और थकान की वजह से आपका मन किसी काम में नहीं लगता तो, इसका साफ मतलब है कि आपका इम्‍यून सिस्‍टम कमजोर हो गया है। अगर इम्‍यून सिस्‍टम कमजोर हो जाता है तो इंसान को सौ तरह की बीमारियां घेर लेती हैं। पर क्‍या आप जानते हैं कि लहसुन और शहद को एक साथ मिला कर खाने से ये एंटीबायोटिक का काम करते हैं। यह एक प्रकार का सूपर फूड है..!!

इसे बानने के लिये 2-3 बड़ी लहसुन की कली को हल्‍का सा दबा कर *कूट लीजिये* और फिर उसमें शुद्ध *कच्‍ची शहद* मिलाइये। इसे कुछ देर के लिये ऐसे ही रहने दीजिये, जिससे लहसुन में पूरा शहद समा जाए। फिर इसे सुबह *खाली पेट* 7 दिनों तक खाइये और फिर देखिये कमाल। हमेशा कच्‍चे और शुद्ध शहद का ही प्रयोग करें क्‍योंकि यह *कोलेस्‍ट्रॉल* को कम करने के मदद करता है। साथ ही इसे खाने से वजन भी कम होता है। अब आइये जानते हैं कच्‍ची लहसुन और शुद्ध शहद खाने के लाभ..!!

1. इम्‍यूनिटी बढ़ाए...!!
लहसुन और शहद के मेल से इस घोल की शक्‍ति बढ जाती है और फिर यह इम्‍यून सिस्‍टम को मजबूत कर देता है। इम्‍यून सिस्‍टम मजबूत होने से शरीर मौसम की मार से बचा रहता है और उसे कोई बीमारी *नहीं होती...!!*

2. दिल की सुरक्षा करे...!!
इस मिश्रण को खाने से हृदय तक जाने वाली धमनियों में जमा वसा निकल जाता है, जिससे खून का प्रवाह ठीक प्रकार से हृदय तक पहुंच पाता है। इससे *हृदय की सुरक्षा होती है...!!*

3. गले की खराश दूर करे...!
इस मिश्रण को लेने से गले का संक्रमण दूर होता है क्‍योंकि इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण हैं। यह *गले की खराश और सूजन को कम करता है...!!*

4. डयरिया से बचाए...!!
अगर किसी को डायरिया हो रहा हो तो, उसे इसका मिश्रण खिलाए..!! 
इससे उसका पाचन तंत्र दुरुस्‍त हो जाएगा और पेट के *संक्रमण मर जाएंगे...!!*

#डॉ0_विजय_शंकर_मिश्र









#Dharmendra Tripathi 9670051818



 अगर कोई व्यक्ति साल भर में कम से कम 20 दिन 10 घण्टे बिना खाये पिये रहता है, उसे कैंसर होने की संभावना 90% कम होती है. . . . . . . 

क्योकि जब शरीर  भूखा होता है, तो शरीर उन सेल्स को नष्ट करने लगता है जिनसे कैंसर होता है. . . . . . 

इस सोच को इस वर्ष, चिकित्सा का नोबल पुरस्कार मिला है. . . . . . 

इस सोच का नाम ऑटोफैगी  है,आटोफैगी एक नेचुरल डिफेंस है, जो शरीर के जिंदा रहने में मदद करता है। ये शरीर को बिना खाने के रहने में मदद करता है, साथ ही बैक्टीरिया और वायरस से लड़ने में मदद करता है। ऑटोफैगी प्रॉसेज के नाकाम होने के कारण ही इंसान में बुढ़ापा और पागलपन जैसी चीजें बढ़ती हैं।

हजारों साल पहले से पूरे भारतीय उपमहाद्वीप में चिकित्सा के तीन रूप "शारीरिक,मानसिक,आध्यात्मिक" के रूप में  आयुर्वेद से आज तक  शरीर के प्रकृति के अनुसार चिकित्सा सिद्धांत "लंघन" का  प्रयोग रोगी का रोग को खत्म करने में प्रयोग हो  रहा है ,यही आध्यात्मिक मानसिक  चिकित्सा के रूप में 

हमारे यहाँ इसे व्रत रहना कहते हैं. . . . . 

अर्थात उपवास भी औषधि  है।

देख ही रहे है अस्पतालों में भीड़ लगी हुई है।

आभार:Dharmendra Tripathi 9670051818

#डॉ0_विजय_शंकर_मिश्र:


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